जयपुर। राजधानी में हुए पुरोहितजी का कटला अग्निकांड के बाद अग्निशमन तंत्र को आधुनिक और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। शहर में दमकल संसाधनों की कमी को दूर करने के लिए स्वायत्त शासन विभाग की ओर से नगर निगम की फायर शाखा को अत्याधुनिक जीवनरक्षक और आपदा राहत उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। इन उपकरणों में फायर एयर बैग और फायर एंट्री सूट प्रमुख हैं।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, अब तक कई बार दमकलकर्मियों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों के अभाव में आग से सुरक्षित दूरी बनाकर पानी का छिड़काव करना पड़ता था। नए फायर एंट्री सूट मिलने से दमकलकर्मी आग की लपटों और अधिक तापमान वाले क्षेत्रों में अपेक्षाकृत सुरक्षित तरीके से प्रवेश कर सकेंगे। इससे आग बुझाने के साथ-साथ रेस्क्यू ऑपरेशन में भी मदद मिलेगी। वहीं, बहुमंजिला इमारतों में दूसरी या तीसरी मंजिल पर फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए सुरक्षा एयर बैग का इस्तेमाल किया जा सकेगा। आपात स्थिति में ऊंचाई से नीचे उतरने में असमर्थ लोगों को एयर बैग के जरिए सुरक्षित बचाने में मदद मिलेगी।
नगर निगम की उपायुक्त (फायर) दुर्गा कुमारी ने बताया कि प्राप्त उपकरणों को परकोटा क्षेत्र और अन्य संवेदनशील इलाकों में स्थित फायर स्टेशनों पर भेज दिया गया है। साथ ही, किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए कुछ उपकरण निगम मुख्यालय में रिजर्व रखे गए हैं। जरूरत पड़ने पर इन्हें शहर के किसी भी फायर स्टेशन पर तत्काल भेजा जा सकेगा।
शहर में कुल 12 फायर स्टेशनों के जरिए आग और आपदा से जुड़ी घटनाओं पर कार्रवाई की जाती है। नए उपकरणों से दमकलकर्मियों की सुरक्षा बढ़ाने के साथ ही रेस्क्यू ऑपरेशन की क्षमता भी मजबूत होगी। खासतौर पर परकोटा क्षेत्र में संकरी गलियों, घनी आबादी और पुराने भवनों के कारण आग लगने की स्थिति में चुनौती अधिक रहती है। ऐसे में यहां उपलब्ध संसाधनों को प्राथमिकता के आधार पर मजबूत किया गया है।

